Hifazat-E-Ishq
इश्क़… जो होने से पहले ही हिफ़ाज़त मांगता है।
वो अंडरवर्ल्ड का बादशाह है — जिसके नाम से शहर कांपता है, जिसके हाथों में कानून नहीं, किस्मत चलती है। उसकी ज़िंदगी में प्यार की कोई जगह नहीं थी… जब तक वो आई नहीं।
वो एक मासूम सी लड़की है — जिसकी मुस्कान में सुकून है और जिसकी मौजूदगी उसकी सबसे बड़ी कमजोरी बन जाती है।जब दुश्मन उस लड़की को उसकी कमजोरी समझ बैठे,तो वो मोहब्बत से पहले उसे ढाल बना लेता है।
इश्क़ से पहले हिफ़ाज़त…
और हिफ़ाज़त करते-करते कब वो इश्क़ कर बैठता है, उसे खुद भी पता नहीं चलता। राज़, साज़िशें, खून, अंडरवर्ल्ड की दुनिया।और एक ऐसी मोहब्बत
जो हर खतरे से टकरा जाए… Hifazat-E-Ishq जहाँ प्यार जताया नहीं जाता, बस बचाया जाता है… जान से भी ज़्यादा।
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